Essay On Terrorism In Hindi

आतंकवाद पर निबंध | Essay On Terrorism In Hindi

आतंकवाद पर निबंध | Essay On Terrorism In Hindi | आंतकवाद क्या हैं? | आंतकवाद की परिभाषा क्या हैं? | आंतकवाद का उद्देश्य क्या हैं? | भारत में आंतकवाद 

आज का पोस्ट छात्र और छात्राएं के लिए बहुत महत्वपूर्ण होने वाले हैं। क्योकि इस पोस्ट में हम आंतकवाद पर निबंध (Essay On Terrorism) के बारे में बात करने वाले है। आंतकवाद एक ऐसा विषय बन गया है जिसके बारे में छात्रों को जानना अति आवश्यक है। इसलिए हर साल 6,7,8,9,10 कक्षा की परीक्षा में आंतकवाद पर निबंध लिखने को जरूर आता हैं।

इस पोस्ट को पढ़ कर आप अच्छी तरह से आंतकवाद पर लेख लिखना सीख जायेंगे। इस पोस्ट में हमने आंतकवाद से जुड़ी सभी विषयों पर ज़ोर दिया है जैसे :- आतंकवाद क्या है?, आतंकवाद के कारण क्या क्या है?, आतंकवाद की समस्या आखिर कब?, आतंकवाद का समाज पर क्या प्रभाव पड़ता है?

प्रस्तावना : आतंकवाद पर निबंध 

जब भी कोई भी व्यक्ति हो या कोई संगठन अपनी विचारधारा आर्थिक तथा राजनीतिक लक्ष्य को पूरा करने के लिए किसी देश को या किसी देश के नागरिकों को अपना निशाना बनाने लगे अपनी शर्तों को पूरा करवाने के लिए दहशतगर्दी का रास्ता अपनाने लगते है, ऐसे कृत्य को आतंकवाद कहते हैं।

आतंकवाद शब्द का उपयोग मुख्य रूप से फ्रांसीसी क्रांति के दौरान जोकोबियन क्लब के कार्यो के वर्णन करने के लिए किया गया था।

आतंकवाद हमेशा से इंसानों के कल्याण में बाधाएं पैदा करते आया है आतंकवाद हमेशा अपनी खराब रणनीति को मनवाने के लिए देश को देश के नागरिकों को हानि पहुंचाते आया है आतंकवाद एक ऐसा जहर है जो किसी भी धर्म जाति या नागरिक के लिए सही नहीं है या एक ऐसी उपज है जिसमें व्यक्ति अपने कंट्रोल में नहीं रहता उसे मानवता का ध्यान नहीं रहता।

वह अपने गैर जरूरी खतरनाक मंसूबों को पूरा करवाने के लिए किसी की जान भी ले सकता है। किसी के हंसते खेलते परिवार को निस्तानबूट कर सकता है आतंकवाद का कोई जात धर्म व मजहब नहीं होता कोई भी व्यक्ति जन्म से आतंकवादी नहीं होता है।

किंतु एक गलत विचारधारा से जुड़ने के बाद कोई भी व्यक्ति आतंकवादी बन जाता है । आतंकवाद से ही आतंकवादी शब्द बना है आतंक वाद को फैलाने वाला शख्स आतंकवादी के नाम से जाना जाता है।

आतंकवाद क्या है? | What is Terrorism?

आतंकवाद ऐसी विचारधारा है जिसने कभी भी मानव जाति का भला नहीं किया आतंकवाद हमेशा से  इंसान के लिए खतरा पैदा करने, संकट में डालने और लाखों-करोड़ों मासूम लोगों की जान लेने के लिए हमेशा से यह आतंकवादी विचारधारा काम करते हैं।

आतंकवाद की वजह से हर साल करोड़ों लोग बेवजह हमारे जाते हैं केवल खतरनाक मंसूबों को पूरा करने के लिए आतंकवाद का इस्तेमाल किया जाता है। और उसमें किसी प्रकार का किसी को कोई लाभ नहीं मिलता केवल दहशत फैलती है बेशक जल्दी फैलती है लोगों की बेवजह जान जाती है जान माल का नुकसान होता है आतंकवाद केवल एक देश का ही नहीं पूरे विश्व के लिए खतरा बन कर हमेशा से तरक्की में बाधा पैदा करते हुए आया है। सुरक्षाओं पर प्रश्न उठाते आया है।

आंतकवाद की परिभाषा 

आतंकवाद (Terrorism) एक तरह की हिंसात्मक गतिविधि है जो किसी भी समाज के लोगों के लिए खतरा बनता जा रहा है.

आतंकवाद का उद्देश्य

आतंकवाद का केवल एक ही उद्देश्य है गलत तरीकों से अपनी गलत मंसूबों की पूर्ति करना उद्देश्यों को पूरा करने के लिए चाहे किसी का जान लेना पड़े चाहे किसी की दौलत लूटना पड़े। आतंकवाद का मुख्य उद्देश्य है कि किसी भी साम्राज्य का अधिपत्य पर कब्जा करना सरकार से देश से अपने गलत मंसूबों की शर्तों को मनवाना शर्त ना मानने पर हथियारों से बमो से छुपकर वार करना। नागरिकों में भय फैलाना नवयुवकों को आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्त करना पैसा का लालच देकर नव युवकों को अपने संगठन से जोड़कर अपनी फ़ौज तैयार करना।

आतंकवाद से फायदे और नुकसान

आतंकवाद से फायदे तो नहीं है सिर्फ तो नुकसान इससे उम्मीद से ज्यादा रहता है आतंकवाद विचारधारा की वजह से ना जाने कितने करोड़ लोग बेवजह मारे जा चुके हैं और अभी भी यह सिलसिला जारी है पूरा विश्व इस विचारधारा से परेशान है चाहे जितना भी विकासशील देश क्यों ना हो उसे आतंकवाद की पीड़ा से गुजरना ही पड़ा है अमेरिका, यूरोप, रूस, फ्रांस यह सारे बड़े-बड़े विकसित देश आतंकवाद की चपेट में आ चुके हैं वर्तमान में इजराइल और अफगानिस्तान में हिंसा इसका प्रमाण है।

भारत में आतंकवाद का प्रभाव

भारत का ही उदाहरण ले लीजिए भारत में समय-समय पर कई ऐसी आतंकवादी वादी घटनाएं होती रही हैं जिससे भारत देश कई बार कराह उठा है भारत ने अपने कई नागरिक कई करोड़ नागरिक बेवजह आतंकवादी गतिविधियों में खोए हैं। भारत इसका भुक्तभोगी है आतंकवाद भारत के लिए हमेशा समस्या का कारण बना रहा है। आतंकवाद ने भारत में कई बार अपनी शर्तें मंजूर करवाने के लिए भारत सरकार को मजबूर किया भारत के नागरिकों को बेवजह कत्लेआम किया ।

आतंकवाद फैलाने का दोषी किसे माना जाता है?

भारत का पड़ोसी देश पाकिस्तान इन गतिविधियों में हमेशा से संलिप्त रहा है। जिसका खामियाजा आज पाकिस्तान को भी भुगतना पड़ रहा है पाकिस्तान ने हमेशा आतंकवाद को बढ़ावा दिया आतंकवाद के पीछे रहकर आतंकवाद को इस्तेमाल किया और आतंकवादी गतिविधियों पर आकर भारत में तथा अन्य कई देशों में आतंकवाद के जरिए अपने खतरनाक मंसूबों को पूरा करवाते आया है। आतंकवाद का गढ़ भी पाकिस्तान को ही माना जाता है जब भी किसी भी  देश में विश्व के किसी भी हिस्से में आतंकवादी गतिविधि होती है। तो उंगली हमेशा पाकिस्तान के ऊपर ही उठाई जाती है। क्योंकि हर देश यह जान चुका है कि आतंकवादी गतिविधियां पाकिस्तान से ही शुरू होती हैं पाकिस्तानी इन गतिविधियों को बढ़ावा देता है और आतंकवाद के पीछे रहकर अपने खराब मंसूबों को पूरा करवाता है।

आतंकवाद कैसे खत्म होगा?

आतंकवाद को खत्म करने के लिए विश्व में कोई ऐसा देश नहीं है जिसने आतंकवाद को खत्म करने की कोशिश ना की हो किंतु आतंकवाद है कि खत्म होने का नाम ही नहीं लेता आतंकवाद दिन का दिन अपनी जड़े मजबूत करता जा रहा है। और अपने गलत मंसूबों को पूरा करने के लिए समय-समय पर तबाही भी करता रहता है यदि आतंकवाद को खत्म करना है तो सारे विकसित देशों को एकजुट होकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़नी पड़ेगी यह किसी एक की जिम्मेदारी नहीं है। कि आतंकवाद को खत्म कर पाए जब सारा विश्व एकजुट होकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ेगा तो अवश्य ही सफलता मिलेगी।

यह प्रक्रिया धीरे-धीरे शुरू हो रही है पहले की अपेक्षा आतंकवाद अब कम देखने को मिला है क्योंकि आतंकवाद के खिलाफ सारे देश एकजुट हो रहे हैं क्योंकि हर नागरिक हर देश यह जान चुका ही आतंकवाद किसी के लिए भला नहीं कर सकता आतंकवाद किसी का सगा नहीं है आतंकवाद केवल स्वार्थ के लिए किसी को भी अपना निशाना बना सकता है। आतंकवाद के लिए कोई भी चीज मायने नहीं रखते जब सारा विश्व एकजुट होकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़नी शुरू कर देगा तो आतंकवाद का निस्तानबूत हो जाएगा।

आतंकवाद फिर अपनी जड़ें मजबूत नहीं कर पाएगा। जैसा अमेरिका ने ओसामा बिन लादेन के साथ किया वैसा ही हर देश को अपने यहां हो रही आतंकवाद गतिविधियों के साथ डट सामना करना पड़ेगा मजबूती से लड़ाई लड़नी पड़ेगी जिम्मेदारी दिखानी पड़ेगी सरकारों को इसके खिलाफ संज्ञान लेना पड़ेगा आतंकवाद खत्म होगा और जरूर खत्म होगा।

 निष्कर्ष

मुझे उम्मीद है कि आपको यह आर्टिकल आतंकवाद पर निबंध को पढ़कर आतंकवाद के बारे में सारी जानकारियां प्राप्त हुई होगी। यदि आपको यह निबंध पसंद आया हो तो इसे अपने यार दोस्तों को सोशल मीडिया पर शेयर करें ताकि उन्हें भी आतंकवाद के बारे में पढ़ने के लिए अच्छी जानकारी मिल सके बाकी यदि आपकी कोई भी समस्या है इस आर्टिकल से उसे अपने कमेंट के माध्यम से हमसे पूछ सकते हैं ।

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