Benefits Of Morning Walk in Hindi

Benefits Of Morning Walk in Hindi – जानिए मॉर्निंग वॉक (सुबह की सैर) के 12 अद्भुत फायदे

Benefits Of Morning Walk in Hindi : जानिए मॉर्निंग वॉक (सुबह की सैर) के अद्भुत फायदे, प्रातःकाल का भ्रमण, मॉर्निंग वॉक के लाभ, सुबह की सैर के फ़ायदे, सुबह टहलने के फायदे

Morning Walk Benefits in Hindi : आज के समय में हर व्यक्ति चाहें वह आदमी हो या औरत सब किसी न किसी शारीरिक या मानसिक समस्या से जूझ रहे है। आज हर तीसरा व्यक्ति डॉक्टर के पास जाता है, चेकउप करवाने के लिए ताकि वह अपने हेल्थ स्टेटस को जान सकें।

यदि हम गौर करे की मनुष्य क्यों इतना शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर होता जा है, तो उसका सबसे बड़ा कारण है, कि हमारी फिजिकल एक्टिविटी बहुत कम हो गई है और मेंटल एक्टिविटी बढ़ गई है।

अब हम ऐसा क्या करे? की इस काम काजी जीवन में भी अपने शरीर को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रख सकें। दोस्तों वैज्ञानिको ने भी इस चीज का अध्ययन किया और बताया की मॉर्निंग वॉक व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक, दोनों तरह से तमाम समस्याओं से राहत देती है। Morning Walk हमे हर तरह की शारीरक और मानसिक बीमारियों से भी बचाती है।

इसलिए दोस्तों आज का लेख Benefits Of Morning Walk in Hindi आपके लिए लाए है। जिसको पढ़ कर आपको मॉर्निंग वॉक के फ़ायदे के बारे में जानकारी मिलेंगी और आप भी अपने को इस भाग दौर भरी जिंदगी में स्वस्थ रख सगेंगे।

सुबह की सैर क्यों जरुरी होती हैं?

इस भाग दौर भरी जिंदगी में हर कोई हमेशा सुखी और लम्बे समय तक जीवन व्यापन करना चाहता हैं। इसके लिए वह हर तरह से प्रत्यन भी करता है पर अपने और अपने स्वास्थ के लिए समय नहीं निकाल पता हैं। केवल पैसा पब्लिसिटी इंसान को खुशी नहीं रख सकता है। अच्छे मकानों व शान शौकत से रहकर मानव सुखी नहीं रह सकता।

सुखी रहने के लिए सबसे जरुरी स्वस्थ शरीर की आवश्यकता होती है, क्योकि सुख व आनंद किसी भी बाहरी वस्तु से प्राप्त नहीं होती है, वे तो अपने ह्रदय से ही प्राप्त किये जा सकते है।

शरीर अस्वस्थ रहने है से मन अशांत रहता है, मनुष्य का स्वभाव चिरचिरा हो जाता है। शरीर को स्वस्थ रखने का सबसे आसान और कामगार उपाय है सुबह की सैर यानि प्रातःकाल का भ्रमण। सुबह टहलने से शरीर को मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने में काफ़ी सहायक होता हैं, इसलिए सुबह की सैर बहुत जरुरी होता हैं। 

मॉर्निंग वॉक (सुबह की सैर) का महत्व क्या हैं?

मॉर्निंग वॉक का महत्व : दोस्तों सुबह की सैर का महत्व केवल इसलिए नहीं होता है कि उससे व्यायाम के लाभ प्राप्त होते हैं। बल्कि सुबह की सैर मनुष्य को हर तरह से मदद करता है जैसे की सुबह की ताजी हवा शरीर के लिए अमृत के जैसा कार्य करती हैं। मॉर्निंग वॉक से शुद्ध वायु का सेवन होता हैं।

आज कल मोटर गाड़ियों, कारखानों द्वारा बहुत अधिक मात्रा में वायु प्रदूषण होता हैं जिसके कारणवश हम इंसान अशुद्ध वायु का सेवन करने पर मजबूर हो जाते हैं। यह दूषित हवा शरीर के फेफड़े को अंदर ही अंदर खत्म करना शुरू कर देती हैं जिससे शरीर को काफी क्षति पहुँचती हैं।

परन्तु सुबह के हवा में किसी प्रकार का प्रदूषण नहीं होता। सुबह की वायु शुद्ध और शीतल होती है उसके सेवन से शुद्ध वायु शरीर में प्रवेश करती है जिससे बहुत से रोग और फेफड़े संबंधी रोग दूर हो जाते है।

प्रातःकाल के भ्रमण से मन में नई ऊर्जा और शरीर में ताजगी आती है। प्रातःकाल सैर मनुष्य को शारीरिक व मानसिक दोनों ही प्रकार से लाभकारी हैं। सुबह की सैर के दृश्य इतने रमणीय होते है कि मन देख व सुनकर अत्यंत प्रसन्न हो जाता है। सुबह की सैर से हमारा मनोरंजन भी होता है और स्वस्थ लाभ भी।

मॉर्निंग वॉक  के बाद पूरा दिन अच्छे से बीतता है और ऑफिस के काम हो या घर के काम सभी में मन लगा रहता हैं। मॉर्निंग वॉक का से हमारे ज्ञान में वृद्धि होती है, दिमाग में ताजगी और सोचने समझने की क्षमता बढ़ती हैं।

मॉर्निंग वॉक किन स्थानों पर करना चाहिए?

मॉर्निंग वॉक के फायदे तभी मिलते है जब आपका मन पूरी तरह प्रातःकाल के भ्रमण में लगता है। सैर के लिए एक बड़ा रमणीय स्थान होना चाहिए। यदि आप सुबह की सैर एक ऐसे स्थान पर करते जहाँ का वातवरण दूषित व मन लगने वाला न हो तो फिर आपको इसका कोई लाभ नहीं मिलेगा। गंदे स्थानों में, गलियों में, कारखानों के पास घूमना लाभकारी नहीं होता।

मॉर्निंग वाक के लिए ऐसे स्थान का चयन करे जहा पर रंग बिरंगे फूल खिले हो, पेड़ पौधे हवा से हिल रहे हो, चिड़िया की चहचाहट हो, वह स्थान अत्यंत लाभदायक होता है। पेड़ सुबह शुद्ध ऑक्सीजन छोड़ते है, फूलों से सुगंधित खुशबू  निकालती है, जिसके सेवन से ह्रदय के रोग दूर हो जाते है।

यदि आप एक ऐसे स्थान पर रहते है जहा पर कोई नदी बहती हो, तो आप नदी के तट पर सुबह की सैर के लिए जा सकते है। नदी का तट  सुहावना होता है, जहा कल-कल करती हुई नदी की ध्वनि मन को मोहित करती हैं।

इसलिए वायु प्रदूषण व ध्वनि प्रदूषण से दूर एकांत पार्क, जंगल, नदी का तट, हरियाले खेत सुबह की सैर के लिए उपयुक्त मने जाते है।

मॉर्निंग वॉक से संबंधित कुछ जरुरी सुझाव क्या हैं?

मॉर्निंग वॉक के लिए कुछ सुझाव और टिप्स :-

  1. सुबह की सैर के लिए हर व्यक्ति को एक निच्छित समय तय करना चाहिए।
  2. मॉर्निंग वॉक पर जाने से पहले आपको उठकर शौचालय जाना चाहिए, जिससे आपका पेट साफ़ हो जाये।
  3. सबुह की सैर के द्वारन लम्बी-लम्बी सांसे लेना चाहिए, ताकि फेफड़े की मांसपेशी मजबूत हो, अच्छे से काम करे।
  4. शरीर में और अधिक चुस्ती लाने के लिए दौर लगाना लाभदायक होता हैं।
  5. परन्तु जो व्यक्ति रोगी है, या अभी रोग से मुक्त हुआ है, उसे दौर न लगाकर धीरे-धीरे चलना चाहिए।
  6. वर्षा के दिन, आंधी तूफान के दिन, सर्दी-जुखाम होने पर, किसी प्रकार के शारीरिक रोग की अवस्था में प्रातकाल का सैर करना लाभदायक नहीं होता।
  7. मॉर्निंग वाक शुरू करने से पहले यदि आपको प्यास लगी हो तो थोड़ा पानी पी सकते है लेकिन मॉर्निंग वॉक के दौरान अत्यधिक पानी न पिएं।
  8. सैर के बाद कुछ मिनटों तक सूर्य की किरणों को ग्रहण करें, ताकि आपके शरीर को उपयुक्त मात्रा में विटामिन डी मिल सकें।

यदि हम  चाहते है, रोगों से मुक्त रहे, कभी औषधि  का सेवन न करे तो हमें प्रतिदिन  Morning Walk के लिए जाना चाहिए।  प्रातःकाल  वातावरण व वायु एक प्रकार की औषधि हैं।  

Benefits of Morning Walk in Hindi – मॉर्निंग वॉक के फ़ायदे 

दिन को शुरू करने का सबसे अच्छा तरीका है मॉर्निंग वॉक 

दोस्तों अक्सर आपने सुना होगा की अगर दिन की शुरुवात अच्छी हो तो पूरा दिन अच्छा व्यतीत होता है। इसलिए मॉर्निंग वॉक से अपने दिन को शुरू करने का सबसे अच्छा तरीका है। सैर की द्वारन हमे ताज़ी ताज़ी हवा मिलतीं है जिससे हमारा सम्पूर्ण शरीर में एक नई ऊर्जा का अनुभव प्राप्त होता है। यहा पर हम दिनभर की गतिविधियों के बारे में अच्छे से ठन्डे दिमाग से सोच सकते है और तरो तजा रहकर पुरे दिन की प्लानिंग कर सकते है। सुबह के मॉर्निंग वॉक से व्यक्ति दिन भर सकारात्मक सोच रखता है, उसके दिमाग में अच्छे विचार आते है।

दिमाग तरोताजा रहता है 

आज कल की इस दौड़ भाग भरी जिंदगी में हर किसी को कुछ न कुछ टेंशन्स वाली बातें दिमाग में चलती रहती है। दिनभर का तनाव रहता है, ऐसे मे सुबह की सेर से हमारा दिमाग ताजा रहेगा, क्योकि सुबह का टहलना बहुत लुभावना होता है चारो तरफ छिड़िया की चहचहाहट और रंग बिरंगे फूलो की खुशबू मन को मोह लेती है और फिर आप अपने दिमाग मे सभी टेंसिन को भूल जाते है और हम टेंशन फ्री हो जाते हैं।

हड्डी व जोडों को मजबूती मिलती है

रिसर्च में यह भी सामने आया है कि केवल 25 साल की उम्र तक ही हड्डिया मजबूत  रहती हैं और फिर धीरे-धीरे हमारी उम्र के साथ हमारी हड्डिया कमज़ोर होने लगती है। जिससे कारण जोड़ो में दर्द जैसी समस्या उतपन्न हो सकती हैं। बढ़ती उम्र के साथ-साथ हड्डियों को मजबूत रखने का सरल उपाय है मॉर्निंग वाक। सुबह की सैर करने से शरीर की हड्डियां मजबूत होती है तथा साथ ही शरीर के जोड़ों और माँसपेशियों को नयी ऊर्जा मिलती है।

रक्तचाप का संतुलित होना 

दोस्तों सुबह मॉर्निंग वाक करने से हमारे शरीर का रक्तचाप ठीक रहता है, और हमें कम या ज्यादा रक्तचाप की समस्या नहीं रहती, आज के दौर में कई लोग ऐसे है जो ब्लडप्रेशर के शिकार है, किसी का कम होता है तो किसी का ज्यादा होता रहता है, तो मित्रो यदि हम रोजाना मॉर्निंग वॉक करते रहेंगे तो रक्तचाप की समस्या से बच सकते हैं।

मधुमेह में सहायक 

दोस्तों यदि आप शुगर के मरीज हैं तो आपको सुबह जरूर दौड़ने जाना चाहिए, ऐसा करने से आपके शरीर में  शुगर कंट्रोल रहता है और कैलोरी की मात्रा भी घटती है, और अगर आप शुगर के मरीज नहीं है तो भी सुबह घूमने से आपको Diabetes जैसी बीमारियाँ नहीं होंगी और यदि किसी को मधुमेह की बीमारी है भी तो वह भी सुबह की सैर से कम होती जाती है।

मानसिक तनाव से मुक्ति

दोस्तों आप जानते ही हो की आज के दौर में हर व्यक्ति मानसिक रूप से परेशान है, हर किसी को कोई न कोई चिंता या टेंशन लगी रहती है। कई बार छोटी-छोटी बाते हमारे मानसिक तनाव का कारण बन जाती हैं। अगर आप भी किसी प्रकार के मानसिक तनाव से गुजर रहे है तो रोज सुबह पार्क में टहलना शुरू कर दें।  बहुत से रिसर्च से यह पता चला की यदि कोई मानसिक तनाव से ग्रस्त लोग यदि रोजाना पार्क में टहलने के लिए जाये तो न सिर्फ उनको मानसिक तनाव से मुक्ति मिलेगी बल्कि उनके सोचने-समझने की क्षमता में भी बढ़ोतरी होती हैं।  यदि हम सुबह जल्दी उठकर सोचे तो हमारी सभी मानसिक चिंताए सारी टेंशन दूर होती जाएगी और हमारा दिमाग फ्रेश होता जायेगा और आगे से हमारा अपने काम में भी अच्छे से मन लगता रहेगा।

मन शांत और स्थिर रहता है 

दिन भर काम करने से हमारा मन चिड़चिड़ा बन जाता है। ऐसे में हम हर छोटी से छोटी बात पर गंभीरता से चिंतन करने लगते है हर जगह मन में कुछ न कुछ बात उतपन्न होता ही रहता है। किसी भी काम को करने में मन नहीं लगता है। तो हम ऐसा क्या करे जिससे मन शांत रहे। एक्सपर्ट डॉक्टर का कहना है कि केवल कुछ घंटो की मॉर्निंग वॉक आपकी सभी तनवा, टेंसिन को कम कर सकती है । मॉर्निंग वॉक से मूड अच्छी तरह काम करता है शरीर की सारी थकान मिट जाती है और आपके मन को शन्ति मिलती हैं।

मॉर्निंग वॉक केवल शारीरिक रूप से आपको मजबूत नहीं रखता बल्कि निरंतर मॉर्निंग वाक करने से हमारे अंदर सहनशीलता बढ़ने के साथ दिमाग़ी तौर से भी मजबूत होते है। जिससे हम अपने मन पर नियंत्रण कर लेते है।

सुबह का सैर वजन घटाने में मदद करता है 

वजन घटाने का सबसे आसान और सरल उपायों में से एक है मॉर्निंग वाक (Morning Walk) आवश्यकता से ज़्यदा भोजन अक्सर मोटापे का वज़ह होता हैं। आप अगर अपना मोटापा कम करना चाहते हैं तो यकीन मानिए मॉर्निंग वाक वेट लॉस के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। मोटापे के कारण बॉडी का शेप ख़राब हो जाता है शरीर के हर हिस्से ख़ासकर पेट के पास चर्बी जमना शुरू हो जाता हैं। मॉर्निंग वॉक फैट्स बर्न करने का सबसे आसान तरीका और कारगर है। रोजाना 30 मिनट की सैर से आप 150 कैलोरी तक बर्न कर सकते हैं।

सुबह की सैर के द्वारं यदि आप 30-40 मिनट तक दौर लगाते है तो इससे आपके पुरे शरीर से पसीना निकलता है क्योकि जब आप दौडते है तो विभिन्न प्रकार की मासपेशियां एक साथ काम करती हैं। सुबह की सैर आपकी मेन्टल एबिलिटी को भी बढ़ाने में मदद करता है जिससे आप अपने खान-पान पर नियंत्रण रख सकते है।

मॉर्निंग वॉक फेफड़ों के लिए लाभकारी

आज के समय में प्रदूषण के कारण इंसान का घर से बाहर निकलना मुश्किल होता जा रहा है। वायु प्रदूषण इतना ज़्यदा बढ़ गया है की अब लोगो को मास्क पहनकर घर से बाहर निकलना पड़ता हैं। जिसको फेफड़े संबंधी कोई बीमारी है, तो उसके लिए वायु प्रदूषण जानलेवा साबित हो सकता हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि कुछ घंटो की मॉर्निंग वाक आपके फेफड़े के लिए किसी दवा से कम नहीं है। एक्सपर्ट द्वारा फेफड़े की एक्सरक्सीज़ में सबसे पहले मॉर्निंग वॉक का नाम आता हैं। फेफड़े को लम्बे समय तक स्वस्थ रखने का आसन उपाय है सुबह की सैर। यदि आपको फेफड़े से सम्बंधित कोई समस्या है तो आप मॉर्निंग वॉक द्वारा उस समस्या से राहत ले सकते है।

आखिर मॉर्निंग वॉक में ऐसा क्या होता है जिससे हमारे फेफड़े स्वस्थ रहते है तो डॉक्टरों ने भी इसका कारण बताया है की सुबह की सैर से फेफड़े को शुद्ध वायु मिलती है जिससे फेफड़े अच्छे से काम करते हैं।

त्वचा को निखरता है प्रातःकाल का भ्रमण 

आज के समय में आपको हज़ारो त्वचा निखारने वाली ब्यूटी प्रोडक्ट्स मिल जाएगी। लेकिन क्या आपको पता है? कि बिना पैसे खर्च करें भी आप अपनी त्वचा को निखार सकते हैं। क्या अपने कभी गौर किया है की मॉर्निंग वॉक करने वाले लोगो की त्वचा साफ़ और सदैव निखरी हुई रहती है ऐसा इसलिए होता है  क्योकि मॉर्निंग वॉक आपकी त्वचा के लिए एक प्रकार से प्राकृतिक ब्लीच जैसा काम करता हैं। सुबह की ताजगी भरी हवा बॉडी के सभी कोशिका को तरोताज़ा कर देती है और सभी डेड कोशिका को बाहर निकालने में मदद करती है जिससे त्वचा में ग्लो आता हैं।

कद बढ़ाने में भी मदद करता है मॉर्निंग वॉक 

छोटे कद वाले लोगो का अक्सर मज़ाक बनाया जाता है उनका उपहास किया जता है। उनको अलग-अलग नाम से बुलाया जाता हैं। कद या लम्बाई नहीं बढ़ने के बहुत से कारण हो सकते है जैसे की आपका खानपान सही न होना, बीमारी के कारण या फिर जेनेटिक प्रॉब्लम। कद बढ़ने के लिए हमारे शरीर में एक हॉर्मोन पाया जाता है जिसका नाम ग्रोथ हॉर्मोन (Growth Hormone) होता है यह हॉर्मोन हमारी कद को बढ़ाने का कार्य करता है। हालांकि कुछ कारणों से जब यह हॉर्मोन हमारे शरीर में बनना बंद हो जाता है जिसके फलस्वरूप हमारी Height Growth रुक जाता है।

वही कुछ स्वस्थ विशेषज्ञ को मनाना है कि मॉर्निंग वॉक कद बढ़ाने का एक अच्छा तरीका हो सकता हैं। क्योकि सुबह की सैर के द्वारन की जाने वाली एक्सरसाइज बहुत अहम् भूमिका निभाती है कद बढ़ाने में। सुबह पैदल चलने से हमारे शरीर के सभी हॉर्मोन अच्छे तरह से अपना काम करते हैं।

आखों की रौशनी बढ़ाने में सहायक है 

इस डिजिटल दुनिया में लगभग सभी काम मोबाइल\लैपटॉप\कंप्यूटर के जरिये ही होते हैं। ऐसे में हर इंसान अपना 4-5 घंटे का समय मोबाइल की स्क्रीन पर या लैपटॉप की स्क्रीन के सामने गुजरता हैं, लेकिन शयद वह इस बात से अनजान है कि दिन रात मोबाइल या लैपटॉप पर काम करने से उसकी आँखें खराब हो सकती है। दोस्तो डॉक्टरों का कहना है कि मोबाइल से निकलने वाली लाइट डायरेक्ट रेटिना(Retina) पर असर करती है और कुछ समय बाद हमे कम दिखना, आखो से पानी आना, आखो में जलन मचना जैसी समस्या झेलनी पड़ती हैं।

लेकिन आज के समय मे बिना फ़ोन या लैपटॉप के गुजारा नही है तो आखिर हम ऐसा क्या करें? कि हमारी आँखे स्वस्थ रहें। तो दोस्तों आँखों की दृष्टि बढ़ाने का सबसे आसान उपाय है सुबह की सैर, जी दोस्तो अपने बिल्कुल सही सुना सुबह की सैर करने से आँखों को बहुत लाभ मिलता हैं। आपकी आँखो सम्बंधित सभी समस्याओ को दूर करता है प्रातःकाल  भ्रमण।

मॉर्निंग वॉक से सम्बंधित पुझे जाने वाले प्रश्न

Q : मॉर्निंग वॉक कितने समय और दुरी तक करना चाहिए?

Ans : इस प्रश्न का कोई स्पष्ठ उतर तो नही है कि मॉर्निंग वॉक कितने समय और दूरी तक करना चाहिए क्योंकि हर व्यक्ति की पैदल चलने या दौड़ने की क्षमता अलग अलग हो सकती है। कोई एक घण्टे में एक किलोमीटर तक चल सकता है तो कोई आधे घण्टे ने ही एक किलोमीटर दौड़ सकता है। हालांकि रोजाना कम से कम 1 घण्टा मॉर्निंग वॉक करने से स्वास्थ्य बना रहता हैं।

Q : मॉर्निंग वाक का सही समय क्या है?

Ans : मॉर्निंग वॉक का सही समय 4 से 5 बजे सुबह का होता है क्योंकि उस समय सूर्य की ताजी किरणें पूरे वातावरण को सुबोहित करती हैं। हर तरफ शांतिपूर्ण माहौल होता है और इस समय हम प्रकृतिक का अनुभव अच्छे से कर सकते हैं।

Q : मॉर्निंग वॉक के बाद क्या करना चाहिए?

Ans : मॉर्निंग वॉक के बाद हमे अपने शरीर को थोड़ा आराम देना चाहिए। वॉक करने के बाद खुद को रिलैक्स मुद्रा में रखने से सभी तरह की थकान मिट जाती है और सम्पुर्ण शरीर मे सकारात्मक ऊर्जा की अनुभूति मिलती हैं।

 

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